Sunday, 3 February 2019

Motivation speech for students

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कैसे handle करें examination stress को ? 8 Ways. BY ASHISH GUPTA

Exam के दिनों में students का  tense  होना  स्वाभाविक  है . Tense होना  हमेशा  बुरा  नही  होता , यदि  tension आपको  कुछ  अच्छा  करने  के  लिए  push करे  तो  वो  ठीक  है . अगर  अपने  school days को  याद  करूँ  और  उसमे  से  exams और  class  tests को  हटा  दूँ  तो  शायद  जितनी  पढाई  की  उसकी  25% ही  की  होती . Exams हमें  पढने  के  लिए  force करते  हैं , और  पढने  से  हमें  knowledge मिलती  है , knowledge हमें  confidence देता  है , जो किसी भी काम को करने के लिए जरूरी है …तो  in a way अगर  exams नहीं  होते  तो  आज  मैं  जो  कर  पा  रहा  हूँ  वो  नहीं  कर  पाता .
Exams हमें  दबाव  में  काम  करना  सीखाते  हैं , हमें  strong बनाते  हैं , वे  हमें  adverse situations handle करना  सीखाते  हैं , वे  हमें  selective होना  सिखाते  हैं , टाइम मैनेज करना सिखाते हैं, वे  हमें  stretch करना  सीखते  हैं , और  ये  सभी  चीजें  life में  successful होने  के  लिए  कहीं  न  कहीं  चाहिए  होती  हैं .
Friends , exams  के समय थोडा  stress होना  , थोडा pressurize होना लाज़मी है , पर यदि हम एक्साम्स को एक अलग mind-set  के साथ handle  करें तो हमें फायदा होगा. और आज इस article  में मैं आपसे ऐसी ही 8  बातें शेयर कर रहा हूँ , तो आइये जानते हैं इन्हें:
 1)      Exams अच्छे  हैं :
भले  ही  आज  आपको  ये  बुरे  लगें , लेकिन  यकीन  जानिये  ये  आपको  इंतना  कुछ  सिखा    जाते  हैं  की  आपकी  बाकी  की  life को  comparatively आसान  बना  देते  हैं . May be आप  exams को  एक  कड़वी दवा  के  रूप  में  देख  सकते  हैं , जिसे  आप  पीना  तो  नहीं  चाहते  पर  इसे  पीये  बिना  आपकी  बीमारी  भी  नहीं  जा सकती  .  खुद  से  बार -बार  कहिये , मन  में  दोहराइए ….exams अच्छे हैं …exams अच्छे हैं…चाहे तो लिखकर दीवार पर चिपका भी लीजिये.. फरक  दिखेगा .

2)      तैयारी  का  अलग  ही  मजा  है :
Exams की  तैयारी  कुछ  ख़ास  होती  है  और  board exams हों  तो  बात  ही  कुछ  और  है .  वो  घंटों  किताबों  में  उलझे  रहना , alarm लगा  कर  सुबह  उठाना , TV serials, cricket matches की  कुर्बानी  देना …joint study के  लिए  बैठना  और  कुछ  भी  ना  पढना 🙂 . Light जाने  पर  lamp जला  कर  पढना  ,and what not. ये  ऐसे  पल  होते  हैं  जो  routine से  बिलकुल  अलग  होते  हैं , और  इनका  अपना  ही  मजा  होता  है . इन  पल  को  burden के  रूप  में  ना  देखें , बल्कि  enjoy  करें .
3)      आपको  अपना  best effort देना है ; बस !
Be realistic, अगर  आप  पहले  के  exams या  test में  average रहे  हैं  और  पूरे  साल  आपने  कुछ  extra efforts नहीं डाले  हैं  तो  सिर्फ  exams के  वक़्त  पढ़कर  चमत्कार  की  अपेक्षा  न   करें .  क्या  हुआ भूल  जाएं  , बस  ये  देखें  की  अब  आपके  पास  कितना  समय  बचा  है  और  उसमे  अपने  बेस्ट  effort देने  की  कोशिश  करें . ये  सोचना  बेकार   है कि आपके  class के  और  बच्चे  क्या – क्या  पढ़  चुके  होंगे , कितना  revise कर  चुके  होंगे , आपको  किसी  और  को  देखने  की  ज़रुरत  नहीं  है …किसी comparison की  ज़रुरत  नहीं  है …और  फायदा  भी  क्या  है  ऐसा  करने  से  , कुछ   सालों  बाद  उसमे  से  10% से  भी  कम  आपके  touch में  होंगे . …तो  दिखाना  किसे  है  ? बस  खुद  को  ! इसलिए   कुछ  ऐसा  न  करिए  कि  बाद  में  अफ़सोस  हो ….”काश  मैंने  पढाई  की  होती !!” and all.
अपना  best effort दीजिये  और  ऐसा  करते  हुए  आप  fail भी  हो  जाते  हैं  तो  कोई  बात  नहीं . लेकिन  बिना  effort किये  ही  हार  मान  लेते  हैं  तो  इससे  बुरी  भी  कोई  बात  नहीं . Just put in your best effort, बाकि  सब  भगवान्  पर  छोड़  दीजिये .
4)      Time is “Marks”:
Time एक limited resource है , इसे  waste करना  बेवकूफी  है . Exams के  समय  तो  ये  पाप  है .ये  समय  है  time को  manage करने  का  , smartly manage करने  का . ये  नहीं  की  बस  कोई  भी  subject उठाया  और  पढना  शुरू  कर  दिया . इसे  एक  strategy के  साथ  approach करिए , और  ये  strategy आपकी  अपनी  बनाई हुई  होगी ….unique होगी . ऐसे  plan out करिए  की  हर  subject पूरी  तरह  से  cover हो  जाये …ये  न  हो कि एक  subject को  5 दिन  दिए  और  एक  को  आधे  दिन  में  ही  निपटा  दिया .  इत्मीनान  से  बैठिये , गहरी  साँसे  लीजिये ,….ये  सोचिये  की  आपको  कौन  से  subject को  कितना  time देना  है . Date wise time-table create करिए , कोई  difficult subject है तो उसके  साथ  easy subjects पढने  का  भी  plan करिए . Sample papers या पिछले साल के पेपर्स solve करने  के  लिए  जरूर  वक़्त  निकालिए .  दोस्तों, time सिर्फ  money ही  नहीं  है  marks भी  है …so better don’t waste it.
5)      आपके  parents आपके  marks से  कहीं  अधिक  आपको  प्यार  करते  हैं :
पढने  के  लिए  किसे  डांट  नहीं  पड़ती !! Of course, उन  पढ़ाकू  लगों को छोड़ दीजिये जो किताब लेकर ही पैदा हुए हैं. पर  आपके -मेरे  जैसे  भोले -भाले  लोगों  को  पढने  के  लिए  डांट  पड़ना  तो  आम सी  बात  है . हमारे  parents इस  बात  को  लेकर  बहुत  चिंतित  होते  हैं  कि  हम  इस  cut throat completion के  युग  में  ठीक  से  settle हो  पाएं .  एक  अच्छी  नौकरी और  exams में  मिले  अच्छे  numbers का  जो  गहरा  नाता  है  वो उन्हें  चिंतित  कर  देता  है  कि  अगर  उनका  बच्चा  अच्छे  numbers नहीं  ला  पाया  तो  उसके  future का  क्या  होगा . और  यही  चिंता  उन्हें  आपको  डांटने …और  कभी  कभी  मारने  के  लिए  मजबूर  करती  है . Specially , middle class families में  जहाँ  अच्छा  future= अच्छे numbers माना  जाता  है  ये  और  भी  अधिक  देखने को मिलता है .
पर  आप  आज  की generation  के  हैं  , आप  smart हैं ; अपने  parents की सोच को समझिये , वो  आपको  बहुत  प्यार  करते  हैं …इतना  की  आपको  इस  cruel-world में  परेशान  होते  नहीं  देख  सकते  इसलिए  वो  आपको  पढने  को  कहते  हैं , उनका  सम्मान  करिए  ये  बात  गाँठ  बांध  लीजिये  कि  वो  भले  आपको  marks लाने  के  लिए  डांटे -फटकारें  but at the end of the day आप  उनकी  जान  हैं , किसी  भी  सूरत  में  वो  marks से  कहीं  अधिक  आपको  प्यार  करते  हैं 
Friends , exams  के समय थोडा  stress होना  , थोडा pressurize होना लाज़मी है , पर यदि हम एक्साम्स को एक अलग mind-set  के साथ handle  करें तो हमें फायदा होगा. और आज इस article  में मैं आपसे ऐसी ही 8  बातें शेयर कर रहा हूँ , तो आइये जानते हैं इन्हें:
 1)      Exams अच्छे  हैं :
भले  ही  आज  आपको  ये  बुरे  लगें , लेकिन  यकीन  जानिये  ये  आपको  इंतना  कुछ  सिखा    जाते  हैं  की  आपकी  बाकी  की  life को  comparatively आसान  बना  देते  हैं . May be आप  exams को  एक  कड़वी दवा  के  रूप  में  देख  सकते  हैं , जिसे  आप  पीना  तो  नहीं  चाहते  पर  इसे  पीये  बिना  आपकी  बीमारी  भी  नहीं  जा सकती  .  खुद  से  बार -बार  कहिये , मन  में  दोहराइए ….exams अच्छे हैं …exams अच्छे हैं…चाहे तो लिखकर दीवार पर चिपका भी लीजिये.. फरक  दिखेगा .
2)      तैयारी  का  अलग  ही  मजा  है 
Exams की  तैयारी  कुछ  ख़ास  होती  है  और  board exams हों  तो  बात  ही  कुछ  और  है .  वो  घंटों  किताबों  में  उलझे  रहना , alarm लगा  कर  सुबह  उठाना , TV serials, cricket matches की  कुर्बानी  देना …joint study के  लिए  बैठना  और  कुछ  भी  ना  पढना 🙂 . Light जाने  पर  lamp जला  कर  पढना  ,and what not. ये  ऐसे  पल  होते  हैं  जो  routine से  बिलकुल  अलग  होते  हैं , और  इनका  अपना  ही  मजा  होता  है . इन  पल  को  burden के  रूप  में  ना  देखें , बल्कि  enjoy  करें .
3)      आपको  अपना  best effort देना है ; बस !
Be realistic, अगर  आप  पहले  के  exams या  test में  average रहे  हैं  और  पूरे  साल  आपने  कुछ  extra efforts नहीं डाले  हैं  तो  सिर्फ  exams के  वक़्त  पढ़कर  चमत्कार  की  अपेक्षा  न   करें .  क्या  हुआ भूल  जाएं  , बस  ये  देखें  की  अब  आपके  पास  कितना  समय  बचा  है  और  उसमे  अपने  बेस्ट  effort देने  की  कोशिश  करें . ये  सोचना  बेकार   है कि आपके  class के  और  बच्चे  क्या – क्या  पढ़  चुके  होंगे , कितना  revise कर  चुके  होंगे , आपको  किसी  और  को  देखने  की  ज़रुरत  नहीं  है …किसी comparison की  ज़रुरत  नहीं  है …और  फायदा  भी  क्या  है  ऐसा  करने  से  , कुछ   सालों  बाद  उसमे  से  10% से  भी  कम  आपके  touch में  होंगे . …तो  दिखाना  किसे  है  ? बस  खुद  को  ! इसलिए   कुछ  ऐसा  न  करिए  कि  बाद  में  अफ़सोस  हो ….”काश  मैंने  पढाई  की  होती !!” and all.
अपना  best effort दीजिये  और  ऐसा  करते  हुए  आप  fail भी  हो  जाते  हैं  तो  कोई  बात  नहीं . लेकिन  बिना  effort किये  ही  हार  मान  लेते  हैं  तो  इससे  बुरी  भी  कोई  बात  नहीं . Just put in your best effort, बाकि  सब  भगवान्  पर  छोड़  दीजिये .
4)      Time is “Marks”:
Time एक limited resource है , इसे  waste करना  बेवकूफी  है . Exams के  समय  तो  ये  पाप  है .ये  समय  है  time को  manage करने  का  , smartly manage करने  का . ये  नहीं  की  बस  कोई  भी  subject उठाया  और  पढना  शुरू  कर  दिया . इसे  एक  strategy के  साथ  approach करिए , और  ये  strategy आपकी  अपनी  बनाई हुई  होगी ….unique होगी . ऐसे  plan out करिए  की  हर  subject पूरी  तरह  से  cover हो  जाये …ये  न  हो कि एक  subject को  5 दिन  दिए  और  एक  को  आधे  दिन  में  ही  निपटा  दिया .  इत्मीनान  से  बैठिये , गहरी  साँसे  लीजिये ,….ये  सोचिये  की  आपको  कौन  से  subject को  कितना  time देना  है . Date wise time-table create करिए , कोई  difficult subject है तो उसके  साथ  easy subjects पढने  का  भी  plan करिए . Sample papers या पिछले साल के पेपर्स solve करने  के  लिए  जरूर  वक़्त  निकालिए .  दोस्तों, time सिर्फ  money ही  नहीं  है  marks भी  है …so better don’t waste it.
5)      आपके  parents आपके  marks से  कहीं  अधिक  आपको  प्यार  करते  हैं :
पढने  के  लिए  किसे  डांट  नहीं  पड़ती !! Of course, उन  पढ़ाकू  लगों को छोड़ दीजिये जो किताब लेकर ही पैदा हुए हैं. पर  आपके -मेरे  जैसे  भोले -भाले  लोगों  को  पढने  के  लिए  डांट  पड़ना  तो  आम सी  बात  है . हमारे  parents इस  बात  को  लेकर  बहुत  चिंतित  होते  हैं  कि  हम  इस  cut throat completion के  युग  में  ठीक  से  settle हो  पाएं .  एक  अच्छी  नौकरी और  exams में  मिले  अच्छे  numbers का  जो  गहरा  नाता  है  वो उन्हें  चिंतित  कर  देता  है  कि  अगर  उनका  बच्चा  अच्छे  numbers नहीं  ला  पाया  तो  उसके  future का  क्या  होगा . और  यही  चिंता  उन्हें  आपको  डांटने …और  कभी  कभी  मारने  के  लिए  मजबूर  करती  है . Specially , middle class families में  जहाँ  अच्छा  future= अच्छे numbers माना  जाता  है  ये  और  भी  अधिक  देखने को मिलता है .
पर  आप  आज  की generation  के  हैं  , आप  smart हैं ; अपने  parents की सोच को समझिये , वो  आपको  बहुत  प्यार  करते  हैं …इतना  की  आपको  इस  cruel-world में  परेशान  होते  नहीं  देख  सकते  इसलिए  वो  आपको  पढने  को  कहते  हैं , उनका  सम्मान  करिए  ये  बात  गाँठ  बांध  लीजिये  कि  वो  भले  आपको  marks लाने  के  लिए  डांटे -फटकारें  but at the end of the day आप  उनकी  जान  हैं , किसी  भी  सूरत  में  वो  marks से  कहीं  अधिक  आपको  प्यार  करते  हैं !

Thursday, 24 January 2019

Motivation Speech

                            Motivational speech
Hello Friends! आज मै आपके सामने वो Motivational speech in Hindi रखने जा रहा हूँ जिसको सुनकर मेरी life मै काफी बदलाव आए| जब भी में यह speech सुनता हूँ तो पता नही कहा से अपने आप body में energy आ जाती है और अपने काम को शुरू करने लग जाता हूँ|
यह जो motivational speech for students, employees, teachers, youth और उन सब लोगो के लिए है जो अपनी life मैं success पाना चाहते हैं|
एक ऐसा रास्ता है जिसपर चल करके गेरेंटीन success है”
“अगर आपके अन्दर लड़ने की स्पीरिट है! तो आप जीत लो”
“अरे जो सोये हुए हो, डरे हुए हो, बैठे हुए हो! उठो खड़े हो आगे बडो”

जब desire choose करना ही है| तो बड़े से बड़ा choose करों ना बड़े से बड़ा इस दुनिया का सबसे बड़ा”
“अरे मिलेगा भाई, इतना मिलेगा जितना आप सपने मै भी नही सोच सकते, खिलाडी तो बनो, अपने फील्ड के पक्के खिलाड़ी तो बनों”
“हम उन चीजों की तरफ देखते है जो हमारे पास मै नहीं है और हम चाहते है तो हमारी किस्मत बुरी होती है और जब हम उन चीजों की तरफ देखते है जो हमारे पास मै है उस movement में हमारी किस्मत अच्छी होती है”
जो कर्म आपको अन्दर से strong करता है वो अच्छा कर्म है| जो अन्दर से वीक करता है कमजोर करता है वो सब बुरे कर्म है”
“अभी अगर आप लोग अपने खुद के commitments पूरे नही कर पा रहे| तो किसी और को दिए हुए commitments आप कैसे पूरे करोगें”
“life मैं आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है? की आपको खुद की नजरो में उठना है| जो इंसान खुद की नजरों मै उठ गया, वो दुनिया की नजरो में तो अपने आप उठ जाएगा”
“जो में करना चाहता हूँ! चाहे उसको करने में कितना भी दर्द क्यों न हो उस दर्द को सहने के लिए मै तैयार हूँ”
“अगर इस दुनिया मैं कोई भी ऐसा काम है जो आप दिल से करना चाहते हो और उस काम को इस दुनिया एक भी ऐसा इंसान है जो कर रहा है तो आप भी खेल-खेल मै उस काम को कर सकते हो”
“जिसका desire जितना बड़ा है उसकी success उतनी ही बड़ी है”
“चाहो भी तो इस जिन्दगी के खेल में out नही हो सकते| तब-तक जब-तक की आप मैदान को छोर करके भाग नही जाते”
“अन्दर से सिर्फ एक चीज बोलते रहना है “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” “मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है, मुझे कुछ करना है” मरते दम तक करना है करते रेहना है| अन्दर से जिस दिन आगया न कि मुझे कुछ करना है ओर वो करना भी Aasaan hai अरे तो कोन रोकेग आपको bhai “सोचो” बड़ओ आगे मेरा time गया आपका time शुरु”




Wednesday, 23 January 2019

Republic day


  1.                                            REPUBLIC DAY SPEECH

As we all know that we have gathered here on the very special occasion of our nation called as Republic day of India. I would like to give a speech on republic day in front of you.
I am excited to say something about our country on this big occasion of Republic day. Republic day is celebrated on 26th January from since 1950. Today we all are here to celebrate 69th republic day of our nation. India got independence since 15th of August 1947, which is celebrated as independence day. And on 26th January 1950 the constitution of India came into force, so we celebrate this day as republic day of India.
Republic means the supreme power of the people living in the country and the only public has the right to elect their representatives as a political leader to lead the country in the right direction. So, India is a republic country where we people elect our leaders as a president, prime minister, etc. Our great Indian freedom fighters have struggled a lot to get our freedom back. They have struggled so that their future generations may live without struggle and led country a head.

Tuesday, 22 January 2019

Swachh Bharat Abhiyan

Good morning  to all.My name is ASHISH GUPTA And I study in the B-COM PART -2 .As we have gathered  here  on this  great  occasion, I want to say something  in my own  words in front  of this  big crowd about the SWACHH BHARAT ABHIYAN.I especially  close this topic because of the increasing  need of the cleanness all around the India which can only be done by the support of each and every  and every citizens of india, MAHATAMA GANDHI had said that,"Sanitiation is more important  that independence".India is still  a development  country because of the poverty, lack of education,  lack of cleanliness  and other social  issues. We need  to eliminate  all the bad reason  from the society  causing  abstraction  in the growth and development ofour country.
Proper hygiene  and cleanliness has the capabilities  to change the global  perception  about india and can attract  more tourists every year  which  in turn will  increase  economy  of india  to a great
 .According to this campaign ,every India citizen  has been requested  to devote  their 100 hours annually for cleanliness  in India  .there  is also a norm to make separate toilet  for boys and girls in each and every  school and college all over India for the safety  and hygiene  of the students. As a student ans most importantly an Indians citizens,  I too required  all the people  gathered here to participate  in this  mission  to compete  it by 2019.
JAI HIND, JAI BHARAT .
SWACHH BHARAT, SHASHAKT  BHARAT.

Saturday, 19 January 2019

Motivation speech

Motivation  Speech 

A motivation  speech for student before these public  exam.
Taking  the bull of Examination  by Horn

Hello my dear friends .I am hear to talk to you on a very important  aspect of examinations. First of all let me affirm that examination are the most wonderful  things  in any human life. They are litmus test of our ability, strength,and self-management. Any one who is scared of them has already  failed. let me tell you friends, if there were no exam , student would not ever take their studies  seriously. the first and fore thing about exam  is never be scared of them .Each examination is succeeded  by preparation time,which must be untilized optimally.if you do it, you will love to take any exam.

INDIA IS BIG COUNTRY.

Motivation speech for students

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