http://maddesiya.blogspot.com
Please friends share and comment जरूर करे और मेरे channels scribe करना ना भूले। मेरा site -maddesiya.blogspot.com
कैसे handle करें examination stress को ? 8 Ways. BY ASHISH GUPTA
Exam के दिनों में students का tense होना स्वाभाविक है . Tense होना हमेशा बुरा नही होता , यदि tension आपको कुछ अच्छा करने के लिए push करे तो वो ठीक है . अगर अपने school days को याद करूँ और उसमे से exams और class tests को हटा दूँ तो शायद जितनी पढाई की उसकी 25% ही की होती . Exams हमें पढने के लिए force करते हैं , और पढने से हमें knowledge मिलती है , knowledge हमें confidence देता है , जो किसी भी काम को करने के लिए जरूरी है …तो in a way अगर exams नहीं होते तो आज मैं जो कर पा रहा हूँ वो नहीं कर पाता .
Exams हमें दबाव में काम करना सीखाते हैं , हमें strong बनाते हैं , वे हमें adverse situations handle करना सीखाते हैं , वे हमें selective होना सिखाते हैं , टाइम मैनेज करना सिखाते हैं, वे हमें stretch करना सीखते हैं , और ये सभी चीजें life में successful होने के लिए कहीं न कहीं चाहिए होती हैं .
Friends , exams के समय थोडा stress होना , थोडा pressurize होना लाज़मी है , पर यदि हम एक्साम्स को एक अलग mind-set के साथ handle करें तो हमें फायदा होगा. और आज इस article में मैं आपसे ऐसी ही 8 बातें शेयर कर रहा हूँ , तो आइये जानते हैं इन्हें:
1) Exams अच्छे हैं :
भले ही आज आपको ये बुरे लगें , लेकिन यकीन जानिये ये आपको इंतना कुछ सिखा जाते हैं की आपकी बाकी की life को comparatively आसान बना देते हैं . May be आप exams को एक कड़वी दवा के रूप में देख सकते हैं , जिसे आप पीना तो नहीं चाहते पर इसे पीये बिना आपकी बीमारी भी नहीं जा सकती . खुद से बार -बार कहिये , मन में दोहराइए ….exams अच्छे हैं …exams अच्छे हैं…चाहे तो लिखकर दीवार पर चिपका भी लीजिये.. फरक दिखेगा .
2) तैयारी का अलग ही मजा है :
Exams की तैयारी कुछ ख़ास होती है और board exams हों तो बात ही कुछ और है . वो घंटों किताबों में उलझे रहना , alarm लगा कर सुबह उठाना , TV serials, cricket matches की कुर्बानी देना …joint study के लिए बैठना और कुछ भी ना पढना 🙂 . Light जाने पर lamp जला कर पढना ,and what not. ये ऐसे पल होते हैं जो routine से बिलकुल अलग होते हैं , और इनका अपना ही मजा होता है . इन पल को burden के रूप में ना देखें , बल्कि enjoy करें .
Exams की तैयारी कुछ ख़ास होती है और board exams हों तो बात ही कुछ और है . वो घंटों किताबों में उलझे रहना , alarm लगा कर सुबह उठाना , TV serials, cricket matches की कुर्बानी देना …joint study के लिए बैठना और कुछ भी ना पढना 🙂 . Light जाने पर lamp जला कर पढना ,and what not. ये ऐसे पल होते हैं जो routine से बिलकुल अलग होते हैं , और इनका अपना ही मजा होता है . इन पल को burden के रूप में ना देखें , बल्कि enjoy करें .
3) आपको अपना best effort देना है ; बस !
Be realistic, अगर आप पहले के exams या test में average रहे हैं और पूरे साल आपने कुछ extra efforts नहीं डाले हैं तो सिर्फ exams के वक़्त पढ़कर चमत्कार की अपेक्षा न करें . क्या हुआ भूल जाएं , बस ये देखें की अब आपके पास कितना समय बचा है और उसमे अपने बेस्ट effort देने की कोशिश करें . ये सोचना बेकार है कि आपके class के और बच्चे क्या – क्या पढ़ चुके होंगे , कितना revise कर चुके होंगे , आपको किसी और को देखने की ज़रुरत नहीं है …किसी comparison की ज़रुरत नहीं है …और फायदा भी क्या है ऐसा करने से , कुछ सालों बाद उसमे से 10% से भी कम आपके touch में होंगे . …तो दिखाना किसे है ? बस खुद को ! इसलिए कुछ ऐसा न करिए कि बाद में अफ़सोस हो ….”काश मैंने पढाई की होती !!” and all.
अपना best effort दीजिये और ऐसा करते हुए आप fail भी हो जाते हैं तो कोई बात नहीं . लेकिन बिना effort किये ही हार मान लेते हैं तो इससे बुरी भी कोई बात नहीं . Just put in your best effort, बाकि सब भगवान् पर छोड़ दीजिये .
4) Time is “Marks”:
Time एक limited resource है , इसे waste करना बेवकूफी है . Exams के समय तो ये पाप है .ये समय है time को manage करने का , smartly manage करने का . ये नहीं की बस कोई भी subject उठाया और पढना शुरू कर दिया . इसे एक strategy के साथ approach करिए , और ये strategy आपकी अपनी बनाई हुई होगी ….unique होगी . ऐसे plan out करिए की हर subject पूरी तरह से cover हो जाये …ये न हो कि एक subject को 5 दिन दिए और एक को आधे दिन में ही निपटा दिया . इत्मीनान से बैठिये , गहरी साँसे लीजिये ,….ये सोचिये की आपको कौन से subject को कितना time देना है . Date wise time-table create करिए , कोई difficult subject है तो उसके साथ easy subjects पढने का भी plan करिए . Sample papers या पिछले साल के पेपर्स solve करने के लिए जरूर वक़्त निकालिए . दोस्तों, time सिर्फ money ही नहीं है marks भी है …so better don’t waste it.
5) आपके parents आपके marks से कहीं अधिक आपको प्यार करते हैं :
पढने के लिए किसे डांट नहीं पड़ती !! Of course, उन पढ़ाकू लगों को छोड़ दीजिये जो किताब लेकर ही पैदा हुए हैं. पर आपके -मेरे जैसे भोले -भाले लोगों को पढने के लिए डांट पड़ना तो आम सी बात है . हमारे parents इस बात को लेकर बहुत चिंतित होते हैं कि हम इस cut throat completion के युग में ठीक से settle हो पाएं . एक अच्छी नौकरी और exams में मिले अच्छे numbers का जो गहरा नाता है वो उन्हें चिंतित कर देता है कि अगर उनका बच्चा अच्छे numbers नहीं ला पाया तो उसके future का क्या होगा . और यही चिंता उन्हें आपको डांटने …और कभी कभी मारने के लिए मजबूर करती है . Specially , middle class families में जहाँ अच्छा future= अच्छे numbers माना जाता है ये और भी अधिक देखने को मिलता है .
पर आप आज की generation के हैं , आप smart हैं ; अपने parents की सोच को समझिये , वो आपको बहुत प्यार करते हैं …इतना की आपको इस cruel-world में परेशान होते नहीं देख सकते इसलिए वो आपको पढने को कहते हैं , उनका सम्मान करिए ये बात गाँठ बांध लीजिये कि वो भले आपको marks लाने के लिए डांटे -फटकारें but at the end of the day आप उनकी जान हैं , किसी भी सूरत में वो marks से कहीं अधिक आपको प्यार करते हैं
Friends , exams के समय थोडा stress होना , थोडा pressurize होना लाज़मी है , पर यदि हम एक्साम्स को एक अलग mind-set के साथ handle करें तो हमें फायदा होगा. और आज इस article में मैं आपसे ऐसी ही 8 बातें शेयर कर रहा हूँ , तो आइये जानते हैं इन्हें:
1) Exams अच्छे हैं :
भले ही आज आपको ये बुरे लगें , लेकिन यकीन जानिये ये आपको इंतना कुछ सिखा जाते हैं की आपकी बाकी की life को comparatively आसान बना देते हैं . May be आप exams को एक कड़वी दवा के रूप में देख सकते हैं , जिसे आप पीना तो नहीं चाहते पर इसे पीये बिना आपकी बीमारी भी नहीं जा सकती . खुद से बार -बार कहिये , मन में दोहराइए ….exams अच्छे हैं …exams अच्छे हैं…चाहे तो लिखकर दीवार पर चिपका भी लीजिये.. फरक दिखेगा .
2) तैयारी का अलग ही मजा है
Exams की तैयारी कुछ ख़ास होती है और board exams हों तो बात ही कुछ और है . वो घंटों किताबों में उलझे रहना , alarm लगा कर सुबह उठाना , TV serials, cricket matches की कुर्बानी देना …joint study के लिए बैठना और कुछ भी ना पढना 🙂 . Light जाने पर lamp जला कर पढना ,and what not. ये ऐसे पल होते हैं जो routine से बिलकुल अलग होते हैं , और इनका अपना ही मजा होता है . इन पल को burden के रूप में ना देखें , बल्कि enjoy करें .
3) आपको अपना best effort देना है ; बस !
Be realistic, अगर आप पहले के exams या test में average रहे हैं और पूरे साल आपने कुछ extra efforts नहीं डाले हैं तो सिर्फ exams के वक़्त पढ़कर चमत्कार की अपेक्षा न करें . क्या हुआ भूल जाएं , बस ये देखें की अब आपके पास कितना समय बचा है और उसमे अपने बेस्ट effort देने की कोशिश करें . ये सोचना बेकार है कि आपके class के और बच्चे क्या – क्या पढ़ चुके होंगे , कितना revise कर चुके होंगे , आपको किसी और को देखने की ज़रुरत नहीं है …किसी comparison की ज़रुरत नहीं है …और फायदा भी क्या है ऐसा करने से , कुछ सालों बाद उसमे से 10% से भी कम आपके touch में होंगे . …तो दिखाना किसे है ? बस खुद को ! इसलिए कुछ ऐसा न करिए कि बाद में अफ़सोस हो ….”काश मैंने पढाई की होती !!” and all.
अपना best effort दीजिये और ऐसा करते हुए आप fail भी हो जाते हैं तो कोई बात नहीं . लेकिन बिना effort किये ही हार मान लेते हैं तो इससे बुरी भी कोई बात नहीं . Just put in your best effort, बाकि सब भगवान् पर छोड़ दीजिये .
4) Time is “Marks”:
Time एक limited resource है , इसे waste करना बेवकूफी है . Exams के समय तो ये पाप है .ये समय है time को manage करने का , smartly manage करने का . ये नहीं की बस कोई भी subject उठाया और पढना शुरू कर दिया . इसे एक strategy के साथ approach करिए , और ये strategy आपकी अपनी बनाई हुई होगी ….unique होगी . ऐसे plan out करिए की हर subject पूरी तरह से cover हो जाये …ये न हो कि एक subject को 5 दिन दिए और एक को आधे दिन में ही निपटा दिया . इत्मीनान से बैठिये , गहरी साँसे लीजिये ,….ये सोचिये की आपको कौन से subject को कितना time देना है . Date wise time-table create करिए , कोई difficult subject है तो उसके साथ easy subjects पढने का भी plan करिए . Sample papers या पिछले साल के पेपर्स solve करने के लिए जरूर वक़्त निकालिए . दोस्तों, time सिर्फ money ही नहीं है marks भी है …so better don’t waste it.
5) आपके parents आपके marks से कहीं अधिक आपको प्यार करते हैं :
पढने के लिए किसे डांट नहीं पड़ती !! Of course, उन पढ़ाकू लगों को छोड़ दीजिये जो किताब लेकर ही पैदा हुए हैं. पर आपके -मेरे जैसे भोले -भाले लोगों को पढने के लिए डांट पड़ना तो आम सी बात है . हमारे parents इस बात को लेकर बहुत चिंतित होते हैं कि हम इस cut throat completion के युग में ठीक से settle हो पाएं . एक अच्छी नौकरी और exams में मिले अच्छे numbers का जो गहरा नाता है वो उन्हें चिंतित कर देता है कि अगर उनका बच्चा अच्छे numbers नहीं ला पाया तो उसके future का क्या होगा . और यही चिंता उन्हें आपको डांटने …और कभी कभी मारने के लिए मजबूर करती है . Specially , middle class families में जहाँ अच्छा future= अच्छे numbers माना जाता है ये और भी अधिक देखने को मिलता है .
पर आप आज की generation के हैं , आप smart हैं ; अपने parents की सोच को समझिये , वो आपको बहुत प्यार करते हैं …इतना की आपको इस cruel-world में परेशान होते नहीं देख सकते इसलिए वो आपको पढने को कहते हैं , उनका सम्मान करिए ये बात गाँठ बांध लीजिये कि वो भले आपको marks लाने के लिए डांटे -फटकारें but at the end of the day आप उनकी जान हैं , किसी भी सूरत में वो marks से कहीं अधिक आपको प्यार करते हैं !